योग को लेकर कई परिभाषाये हैं जिनमें से दो प्रमुख हैं I पहली परिभाषा के अनुसार गीता मैं लिखा है: फल की इच्छा के बिना कर्म कुशलता ही योगा है I दूसरी परिभाषा मन की इच्छाओं को संतुलित बनाना योगा कहलाता है l

 

योगा के नियम है-

  • यम

इसमें सत्य व अहिसा का पालन व ज्यादा चीजों को इकट्ठा करने से बचना शामिल है I

  • नियम

ईश्वर की उपासना, तप, संतोष, व शौच इस अंग में महत्वपूर्ण माना गया है

  • आसन

स्थिर की अवस्था मैं बैठकर सुख की अनुभूति करने को आसान कहते हैं I

  • प्राणायाम

साँस की गति को धीरे धीरे वश मैं करना प्राणायाम कहलाता है l

  • प्रत्याहार

इन्द्रियों को बाहरी विषयो मैं लगाना प्रत्याहार कहलाता है

  • धारणा

संसार की हर वस्तु को सामान समझना धारणा कहलाता है l

  • समाधि

इस दौरान न व्यक्ति देख सकता है, न सुनता है और न ही स्पर्श करता है l

  • ध्यान

मन की एकाग्रता

योगा के  नियम – योग करते समय इन बातो का ध्यान रखे

 

  •  योगा करने की लिए सबसे सही समय-

योगा करने की लिए सबसे सही समय ब्रह्म मुहूर्त का होता है क्योकि इस दौरान पेट काफी हल्का रहता है और नींद लेने की बाद व्यक्ति जब योगा करता है तो उसे काफी आराम आता है l शौच करने की बाद व्यक्ति जब योगा करता है तो उसे अन्य समय की अलावा ज्यादा लाभ होता है

  • जल्दबाजी न करे

योग हमसे मानसिक तौर पर अधिक जुड़ा है इसलिए ध्यान रखे कि इसका अभ्यास जल्दबाजी मैं न करे l पूरी चेतना के साथ योग करने से हे इसका लाभ मिल पाता है l कई लोग आसान न कर पाने से फ़ौरन हताश हो जाते है और योग छोड़ने का मन बना लेते है l धैर्य रखे क्योकि जैसे जैसे आप आसान करते जायेंगे शरीर का लचीलापन बढ़ेगा व् क्षमता बढ़ती जाएगी l

  • मैट का प्रयोग

योग क़े दौरान ऊर्जा निकलती है , जब हम जमीन पर योगाभ्यास करते हैं तो पृथ्वी क़े ऊर्जा और शरीर की ऊर्जा से शरीर में असंतुलन होने लगता है इसलिए इसे मैट, चटाई, दरी पर किया जाता है l

  • पानी न पीये

जब हम योग करते हैं तो धीरे धीरे शरीर की ऊष्मा का स्तर बढ़ता है, लेकिन अगर इस दौरान ठंडा पानी पी लिया जाये तो ऊष्मा में तेजी से गिरावट आती है और उससे अलेर्जी, कफ और जुकाम की समस्या हो सकती है l योग की १५ मिनट बाद हे पानी पीये l

  • शौच

अभ्यास से पूर्व या उस दौरान शौच की लिए जाने की इच्छा हो तो आवेग को कभी भी न रोके I

 

योगा के नियम- लाभ है कई

 

  • योग से मस्तिष्क शांत होता है, जिससे तनाव काम होता है और ब्लड प्रेशर , मोटापा और कोलोस्ट्रोल में कमी आती है l इससे रक्तसंचार में सुधार होता है जिससे शरीर की अंगो तक ऑक्सीजन पहुचने में दिक्कत नही होती,साथ ही शरीर से विषैले पदार्थ दूर होते हैं जिससे थकान, जोड़ो में दर्द व् सिरदर्द में आराम मिलता है l
  • शरीर का लचीलापन बढ़ता हैंl
  • इसे करने की लिए किसी प्रकार के उपकरण के जरूरत नही पड़ती इसलिए यह सस्ता साधन है l
  • नियमित योगाभ्यास से त्वचा में निखार आता है और बालो का झड़ना भी काम होता है मांसपेशिया मजबूत होती है l
  • नर्वस सिस्टम में सुधार होता है l
  • शरीर के रोगो से लड़ने के ताकत में इजाफा होता है जिससे आप बार बार बीमार नही पड़ते और दवाओ का खर्चा काम होकर सेहत अच्छी रहती है I
  • शरीर में ऊर्जा और ताकत बनी रहती है l

योगा के नियम- सावधानी बरते

 

जो लोग लम्बी बीमारी से उठे हो और गर्भवती महिलाये और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी होने पैर विशेषज्ञ की सलाह और उनकी देख रेख में हे योगाभ्यास करे I